
श्रावण शिवरात्रि पर पं. धर्मेन्द्र त्रिपाठी के पाण्डित्य में हुआ संगीतमय रुद्राभिषेक, रुद्राष्टाध्यायी के पाठ और भजनों से भक्तिमय हुआ माहौल
वाराणसी। देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी में श्रावण मास की शिवरात्रि का पर्व श्रद्धा, आस्था और भक्ति के वातावरण में मनाया गया। इसी क्रम में शिवपुर स्थित प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया समूह “स्पीक द वर्ल्ड” के कार्यालय परिसर में मंगलवार को भगवान शिव का भव्य एवं विधि-विधानपूर्वक रुद्राभिषेक आयोजित किया गया। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान पूरा परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गूंज उठा। रुद्राभिषेक का आयोजन विशेष रूप से श्रावण मास की शिवरात्रि के पावन अवसर पर किया गया था। अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, मीडिया समूह से जुड़े लोगों, कर्मचारियों एवं गणमान्यजनों ने सहभागिता की। वातावरण ऐसा बना कि हर कोई कुछ समय के लिए सांसारिक चिंताओं से दूर होकर भगवान शिव की भक्ति में लीन नजर आया।
“पं.धर्मेन्द्र त्रिपाठी के पाण्डित्य में संपन्न हुआ अनुष्ठान”
आजमगढ़ से पधारे पं. धर्मेन्द्र त्रिपाठी के पाण्डित्य एवं आचार्यत्व में भगवान शिव का रुद्राभिषेक विधि-विधान के साथ संपन्न कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का पूजन-अर्चन और अभिषेक किया गया। अनुष्ठान के दौरान भगवान शिव को माता पार्वती के साथ लेकर आने के लिए भगवान कार्तिकेय, भगवान गणेश, वीरभद्र, नंदी तथा ऋंगी-भृंगी सहित शिव परिवार एवं देवशक्तियों का आह्वान किया गया। वैदिक परंपरा और धार्मिक भावनाओं से ओतप्रोत इस विशेष आयोजन ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया। पं.धर्मेन्द्र त्रिपाठी द्वारा किए गए मंत्रोच्चार और धार्मिक विधानों के बीच जब रुद्राष्टाध्यायी का पाठ शुरू हुआ तो पूरा वातावरण शिवमय हो उठा। मंत्रों की गूंज और भक्ति संगीत के बीच श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए।
“रुद्राष्टाध्यायी के पाठ से शिवमय हुआ वातावरण”
रुद्राभिषेक के दौरान रुद्राष्टाध्यायी का विधिवत पाठ किया गया। वैदिक ऋचाओं और मंत्रों के उच्चारण से कार्यालय परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता महसूस हुआ। श्रद्धालु पूरे मनोयोग से अनुष्ठान में शामिल हुए। किसी ने भगवान शिव का ध्यान किया तो किसी ने मंत्रोच्चार के साथ अपनी श्रद्धा अर्पित की। पूरे आयोजन के दौरान “हर-हर महादेव”, “बम-बम भोले” और “जय भोलेनाथ” के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा। श्रावण मास भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। ऐसे में शिवरात्रि के अवसर पर आयोजित इस रुद्राभिषेक का धार्मिक महत्व और भी बढ़ गया। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से सुख, शांति, समृद्धि और परिवार के कल्याण की कामना की।
“भक्ति संगीत ने बांधा समां”
रुद्राभिषेक के साथ भव्य भक्ति संगीत कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने भगवान शिव को समर्पित एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए। शिव भजनों की मधुर धुनों के बीच श्रद्धालु भावविभोर हो गए। जैसे-जैसे भक्ति संगीत आगे बढ़ा, पूरा वातावरण भक्तिरस से सराबोर होता गया। कई श्रद्धालु भजनों के साथ झूमते और भगवान शिव की भक्ति में लीन दिखाई दिए। भजनों के दौरान जब भगवान शिव के जयकारे लगाए गए तो पूरा परिसर “हर-हर महादेव” से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने इसे केवल एक धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि सामूहिक आध्यात्मिक अनुभव के रूप में महसूस किया।
“शिव परिवार के आह्वान ने बढ़ाई आयोजन की भव्यता”
रुद्राभिषेक के दौरान भगवान शिव के साथ माता पार्वती और शिव परिवार की आराधना विशेष आकर्षण का केंद्र रही। भगवान गणेश, कार्तिकेय, नंदी, वीरभद्र तथा ऋंगी-भृंगी सहित शिव परिवार से जुड़ी दिव्य शक्तियों का आह्वान किया गया। धार्मिक परंपरा के अनुसार किसी भी शुभ कार्य के आरंभ में भगवान गणेश का स्मरण किया जाता है। वहीं भगवान शिव की उपासना में उनके परिवार और गणों का स्मरण भक्तिभाव को और अधिक गहरा करता है। इसी भावना के साथ आचार्य ने वैदिक विधि से देवशक्तियों का आह्वान और पूजन कराया।
“श्रद्धालुओं ने लगाए भक्ति सागर में गोते”
रुद्राभिषेक और भक्ति संगीत के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। मंत्रोच्चार, घंटियों की ध्वनि, भजनों और जयकारों के बीच ऐसा वातावरण बना मानो काशी की शिवभक्ति की परंपरा “स्पीक द वर्ल्ड” कार्यालय परिसर में भी उतर आई हो। श्रद्धालु कभी आंखें बंद कर भगवान शिव का ध्यान करते दिखाई दिए तो कभी भजन की धुन पर झूमते नजर आए। रुद्राभिषेक के समापन तक वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। आयोजन में शामिल लोगों का कहना था कि महादेव की नगरी काशी में श्रावण शिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव की आराधना का अनुभव अपने आप में विशेष है। रुद्राभिषेक के दौरान वैदिक मंत्रों के साथ भक्ति संगीत ने इस आध्यात्मिक अनुभव को और भी यादगार बना दिया।
“स्पीक द वर्ल्ड” परिवार ने लिया आयोजन में हिस्सा”
इस धार्मिक आयोजन में “स्पीक द वर्ल्ड” परिवार से जुड़े लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यालय परिसर में आयोजित रुद्राभिषेक ने कामकाजी माहौल को भी कुछ समय के लिए पूरी तरह आध्यात्मिक वातावरण में बदल दिया। कार्यक्रम के दौरान सभी ने भगवान भोलेनाथ से विश्व कल्याण, समाज में शांति, सुख-समृद्धि और सभी के मंगल की प्रार्थना की। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करते हुए कहा कि काशी में महादेव की आराधना करना स्वयं में सौभाग्य की बात है।
“काशी की परंपरा में रचा-बसा शिव भक्ति का रंग”
श्रावण मास में काशी का प्रत्येक कोना शिवमय दिखाई देता है। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और जलाभिषेक का सिलसिला चलता है। ऐसे में “स्पीक द वर्ल्ड” कार्यालय में आयोजित भव्य रुद्राभिषेक ने भी इसी शिवभक्ति की परंपरा को आगे बढ़ाया। वैदिक मंत्रों, रुद्राष्टाध्यायी के पाठ, शिव परिवार के आह्वान और भक्ति संगीत के अद्भुत संगम ने आयोजन को विशेष बना दिया। श्रद्धालुओं के लिए यह अवसर धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामूहिक एकता और आध्यात्मिक आनंद का भी माध्यम बना। अंत में भगवान भोलेनाथ की आरती एवं जयघोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। उपस्थित श्रद्धालुओं ने एक स्वर में “हर-हर महादेव” का उद्घोष किया। पूरा परिसर देर तक शिवभक्ति के जयघोष से गूंजता रहा।
रुद्राभिषेक कार्यक्रम में पं.जसवंत एवं पं.अजय के अलावा एडिटर इन चीफ सावित्री श्रीवास्तव, नित्या श्रीवास्तव, सुधीर श्रीवास्तव, अनिता श्रीवास्तव, विकास चंद्र श्रीवास्तव, दिव्या श्रीवास्तव, अमन श्रीवास्तव, प्रगति श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव, रॉबिंस श्रीवास्तव सहित बैभव, सोनाक्षी आदि लोग प्रमुख रूप से शामिल रहे।
