
स्कूली वाहनों के प्रपत्र शीघ्र ठीक कराने व “विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति” गठन किए जाने हेतु प्रबंधक/ प्रधानाचार्यों को दिए गए निर्देश
वाराणसी (स्पीक द वर्ल्ड)। स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा 14 से 19 सितंबर तक “मिशन सेफ फ्यूचर-3.0” विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। जिसके तहत न केवल प्रवर्तन कार्यवाही की जा रही है, बल्कि विभिन्न स्कूलों में भ्रमण कर स्कूल प्रबंधन/प्रधानाचार्य को सड़क सुरक्षा से संबंधित नियमों की जानकारी देने के साथ “विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति” के गठन किए जाने हेतु शासन की मंशा के अनुरूप कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए जा रहे। “मिशन सेफ फ्यूचर 3.0” अभियान संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) मनोज वर्मा के नेतृत्व में चलाया जा रहा है। अभियान में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) व अमित कुमार वर्मा व अखिलेश पाण्डेय, यात्री कर अधिकारी द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है।
अभियान के अंतर्गत जिन स्कूलों द्वारा बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद उत्तर प्रदेश मोटरयान 26वां संशोधन नियमावली, 2019 के अंतर्गत आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई है तथा अभी तक अपनी वाहनों के प्रपत्र ठीक नहीं कराये गये हैं। ऐसे कुछ शिक्षण संस्थानों का शुक्रवार को भ्रमण कर स्कूली वाहनों सुरक्षा से संबंधित आवश्यक जानकारी दी गई। जिनमें प्रमुख रूप से गुरु नानक इंग्लिश स्कूल, शिवपुर, सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल, शिवपुर, जय पब्लिक स्कूल, अकेलवा, लोहता, ज्ञानदायिनी महिला महाविद्यालय, अकेलवा, लोहता तथा मारथा रुट मोंटेसरी स्कूल, अकेलवा हैं। भ्रमण के समय संबंधित शिक्षण संस्थान के प्रबंधक/प्रधानाचार्य से वार्ता कर स्कूली वाहनों के प्रपत्र जल्दी से जल्दी ठीक कराए जाने के साथ-साथ “विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति” गठन किए जाने हेतु निर्देश दिए गए। साथ ही जिन स्कूली वाहनों के प्रपत्र अभी तक अपूर्ण हैं, उनका संचालन न किए जाने के संबंध में शपथ-पत्र देने हेतु निर्देश किया गया है। उक्त प्रवर्तन अभियान के साथ-साथ विद्यालय प्रबंधन एवं प्रधानाचार्यों से अपील की जाती है कि वे अपने विद्यालयों में संचालित समस्त वाहनों के प्रपत्र एवं अन्य आवश्यक अभिलेख निर्धारित मानकों के अनुरूप यथाशीघ्र पूर्ण कराकर ही वाहन संचालित कराएं। साथ ही स्कूल बस/वैन चालकों का चरित्र सत्यापन शीघ्रता शीघ्र करायें। अन्यथा मानकों के अनुरूप संचालित न पाए जाने वाले स्कूली वाहनों के विरुद्ध कठोर प्रवर्तनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उक्त के अतिरिक्त स्कूल वाहनों के प्रपत्रों में कमी होने पर किसी भी दुर्घटना की समस्त जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की होगी।
