
स्पिक मैके के चार दिनी शास्त्रीय गायन की हुईं शुरुआत
वाराणसी। युवा पीढ़ी एवं विद्यार्थियों को हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित एवं जागरूक करने हेतु स्पिक मैके की ओर से वाराणसी में चार दिवसीय शास्त्रीय गायन की शुरुआत मंगलवार को सनबीम सारनाथ में किया गया। जिसमें हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन की प्रसिद्ध कलाकार पद्मश्री एवं एसएनए पुरस्कार प्राप्त विदुषी सुमित्रा गुहा नें अपने सुर के आकर्षण नें विद्यार्थियों को बांधे रखा। उन्होंने राग गुर्जरी तोड़ी में पारंपरिक बंदिश “आज मोरे मन लागो” तीनताल में निबद्ध से शुरूआत किया। इसके पश्चात उन्होंने काशी में बाबा श्री काशी विश्वनाथ की आराधना में सावन के अवसर पर महादेव के ऊपर स्वरचित “बाजे बाजे बाजे बाजे डमरू” द्रुत एकताल में सुनाया। जिस पर विद्यार्थियों नें तालियों से विदुषी कलाकार का अभिवादन किया। तत्पश्चात उन्होंने “वीर मीरा” के बारे में बताते हुए अपनी स्वरचित रचना मीरा भजन “मैं तो सावरे रंग रांची” सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में उनके साथ तबले पर सुमन चटर्जी, हारमोनियम पर श्री सुमित मिश्रा एवं तानपुरा पर उनकी शिष्या रेनू नें संगत किया। कार्यक्रम के पश्चात उन्होंने विद्यार्थियों के प्रश्नों का बहुत ही सरलता से जबाब दिया। विद्यालय की प्रधानाचार्य तनूजा सिंह नें कलाकारों का स्वागत सम्मान करते हुए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर विद्यालय के सैकड़ो विद्यार्थियों नें शास्त्रीय सुरों को एकाग्रता से सुनते रहें।
