
भाई-बहन के प्रेम व अटूट रिश्ते का प्रतीक है रक्षाबंधन का त्योहार और हर कोई इस पर्व का पूरे साल बेसब्री से इंतजार करता है. लेकिन इसके साथ ही लोगों को ये टेंशन भी रहती है कि कहीं भद्रा का साया त्योहार का रंग फीका न कर दे.
जानिए-कब मनाया जाएगा रक्षाबंधन का त्योहार? इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा काल तो नहीं! भद्रा काल को माना जाता है सबसे अशुभ मुहूर्त. भद्रा में राखी बांधना होता है वर्जित.
वाराणसी। रक्षाबंधन का पावन पर्व केवल एक धागा बांधने की रस्म नहीं, बल्कि भाई-बहन के पवित्र प्रेम, विश्वास और अटूट रिश्ते का सबसे खूबसूरत उत्सव है. साल भर इंतजार के बाद आने वाले इस त्योहार पर हर बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा का सूत्र सजाकर उसकी लंबी उम्र की दुआ मांगती है, तो भाई भी हर मोड़ पर उसकी रक्षा का वचन देता है. हालांकि, इस खुशी और उत्साह के बीच हर साल एक चिंता जरूर मन में बनी रहती है-‘भद्रा का साया’. सनातन धर्म में भद्रा को अशुभ मुहूर्त माना गया है और ऐसे में शुभ कार्य करना वर्जित होता है. रक्षाबंधन पर भी भद्रा की छाया को लेकर अक्सर लोगों में असमंजस रहता है कि राखी बांधने का सबसे सही और शुभ मुहूर्त कौन सा होगा, ताकि त्योहार की उमंग में कोई खलल न पड़े.
“रक्षाबंधन कब है?”
रक्षाबंधन का त्योहार सावन की पूर्णिमा तिथि के दिन मनाया जाता है और वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल सावन पूर्णिमा 27 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजकर 8 मिनट पर शुरू होगी. इसका समापन 28 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजकर 48 मिनट पर होगा. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार इस साल राखी का त्योहार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा.
“क्या रक्षाबंधन पर रहेगा भद्रा का साया?”
सनातन धर्म में कुछ मुहूर्त को अशुभ मुहूर्त माना गया है और भद्रा उसी में से एक है. भद्रा काल में राखी बांधना वर्जित माना गया है और आमतौर पर रक्षाबंधन पर भद्रा का साया रहता है. इस बार भी लोग यही सोचकर परेशान हैं कि भद्रा का साया कहीं राखी के पर्व पर मजा किरकिरा न कर दें. इस विषय ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन के दिन भद्रा नहीं है. क्योंकि भद्रा का प्रभाव 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 8 मिनट से लेकर रात 9 बजकर 32 मिनट तक रहेगा. जबकि रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा यानी रक्षाबंधन का पर्व भद्रा रहित होगा.
“रक्षाबंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त”
28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन भद्रा का साया नहीं रहेगा लेकिन फिर भी भाई की कलाई पर राखी यदि शुभ मुहूर्त में बांधी जाए तो अधिक फलदायी होता है. पंडित निरंजन जी के अनुसार रक्षाबंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 57 मिनट से सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा. यदि इस मुहूर्त में राखी न बांध पाएं तो दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से लेकर शाम 4 बजे तक का मुहूर्त भी बेहद शुभ है. ध्यान रखें कि राहुकाल में राखी नहीं बांधनी चाहिए और 28 अगस्त को राहुकाल का समय दोपहर 12 बजकर 45 मिनट से लेकर दोपहर 2 बजकर 22 मिनट तक रहेगा.
