
वाराणसी। डॉ. घनश्याम सिंह कॉलेज ऑफ एजुकेशन, गोसाईपुर-मोहांव में हिंदी विभाग की ओर से विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति रुचि, सृजनात्मक लेखन और भाषायी चेतना विकसित करने के उद्देश्य से ‘हिंदी का आधुनिक स्वरूप और चुनौतियां’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में महाविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इसके लिए कुल 267 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने हिंदी के बदलते स्वरूप, तकनीकी एवं डिजिटल युग में हिंदी के बढ़ते प्रभाव, सामाजिक माध्यमों पर हिंदी के प्रयोग तथा वैश्वीकरण के दौर में भाषा के समक्ष उत्पन्न चुनौतियों पर अपने विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों ने हिंदी की समृद्ध परंपरा और आधुनिक आवश्यकताओं के बीच सामंजस्य स्थापित करते हुए अपने विचारों को निबंध के माध्यम से प्रस्तुत किया।प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार मिश्र ने कहा कि हिंदी केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, साहित्य और सामाजिक चेतना की महत्वपूर्ण वाहक है। आधुनिक तकनीक और डिजिटल माध्यमों ने हिंदी के प्रसार के लिए नए अवसर उपलब्ध कराए हैं। साथ ही भाषा की शुद्धता, मौलिकता और गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण कुमार पांडे ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में लेखन-कौशल, चिंतन क्षमता और अभिव्यक्ति का विकास करती हैं। इंटरनेट, सामाजिक माध्यम और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे माध्यमों से हिंदी का प्रयोग व्यापक हुआ है, वहीं रोमन लिपि का बढ़ता प्रयोग, अंग्रेजी का प्रभाव और तकनीकी शब्दावली जैसी चुनौतियां भी सामने हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से हिंदी के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
