
पूर्व छात्रों ने राजर्षि के आदर्शों को आगे बढ़ाने और कॉलेज के विकास का लिया संकल्प
वाराणसी। उदय प्रताप कॉलेज में आयोजित प्राचीन छात्र समागम समारोह ‘जय राजर्षि, जय भारत’ के उद्घोष से गूंज उठा। पूर्व छात्रों ने राजर्षि उदय प्रताप सिंह जूदेव के आदर्शों को आगे बढ़ाने और कॉलेज की व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि राजर्षि ने वर्ष 1909 में हिवेट क्षत्रिया कॉलेज की स्थापना कर शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव रखी थी। उनका सूत्रवाक्य ‘दृढ़ राष्ट्र भक्ति, पराक्रमश्च’ आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। समागम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के अनुरूप उदय प्रताप कॉलेज को शीघ्र राज्य विश्वविद्यालय का दर्जा देने की सर्वसम्मत मांग उठी। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अनुशासन, खेलकूद और छात्रावास की बेहतर व्यवस्था शुरू कराने पर भी जोर दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। पूर्व छात्रों को केसरिया साफा भेंट किया गया। दिवंगत छात्र सूर्या सिंह को दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि दी गई।समारोह में मुख्य अतिथि विधायक ओमप्रकाश सिंह, विशिष्ट अतिथि विधायक मंजीत सिंह, पूर्व एमएलसी चेतनारायण सिंह, अध्यक्ष अमरनाथ सिंह, निशांत सिंह ‘बोल्डर’, विवेकानंद सिंह, प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में पूर्व छात्र और शिक्षक मौजूद रहे।
