
वाराणसी। महापंडित राहुल सांकृत्यायन केंद्र संस्था, वाराणसी के तत्वावधान में सोमवार को प्रेमचंद की 146वीं जयंती के अवसर पर नवरचना कॉन्वेंट स्कूल में कहानी-चित्रण चित्रकला प्रतियोगिता एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा प्रेमचंद की कहानियों पर आधारित चित्रों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही, जिसका अतिथियों एवं उपस्थित लोगों ने अवलोकन किया।समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. मुक्ता, अध्यक्ष प्रो. सुरेन्द्र प्रताप तथा निर्णायकों डॉ. श्रद्धानंद, डॉ. राम सुधार सिंह, डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा, डॉ. शत्रुध्न प्रसाद, जे.के. वर्मा एवं डॉ. कंचन सिंह परिहार ने प्रेमचंद के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर किया। छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। संस्थापिका सचिव डॉ. संगीता श्रीवास्तव एवं सहयोगियों ने अतिथियों का अंगवस्त्र भेंटकर स्वागत किया।मुख्य अतिथि डॉ. मुक्ता ने कहा कि प्रेमचंद ने हिंदी साहित्य को सामाजिक यथार्थ की नई दिशा दी और वे गांधीवादी विचारधारा से प्रेरित होकर निर्भीक लेखन करते रहे। अध्यक्ष प्रो. सुरेन्द्र प्रताप ने किसानों और आमजन के जीवन के सजीव चित्रण को प्रेमचंद की सबसे बड़ी विशेषता बताया। डॉ. श्रद्धानंद ने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य आज भी सामाजिक विषमताओं पर उतना ही प्रासंगिक है। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राम सुधार सिंह ने कहा कि प्रेमचंद के पात्र साधारण होते हुए भी पाठकों के मन पर गहरी छाप छोड़ते हैं। निर्णायकों ने विद्यार्थियों की चित्रकला की सराहना करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए जन्मदिन पर एक पौधा लगाने का संदेश भी दिया।कक्षा 4 से 12 तक के विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता में भाग लिया। विभिन्न वर्गों में प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती अरुणिमा श्रीवास्तव ने, संयोजन बी.एल. प्रजापति ने तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रधानाचार्या श्रीमती पल्लवी सिंह ने किया। समारोह में विद्यालय परिवार, शिक्षक-शिक्षिकाएं, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
