
बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की जरूरतों का विशेष ध्यान रखने को कहा; प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता पर उपलब्ध कराई जाएं सभी बुनियादी सुविधाएं
वाराणसी। वाराणसी में गंगा एवं वरुणा नदियों के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री एवं काशी के सांसद नरेंद्र मोदी ने टेलीफोनिक वार्ता कर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार से जनपद के वर्तमान हालात की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों, गंगा-वरुणा के जलस्तर, राहत शिविरों में की गई व्यवस्थाओं तथा प्रभावित लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।प्रधानमंत्री जी ने बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा और राहत को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों एवं प्रशासन को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार सतर्क नजर रखी जाए और परिस्थितियों में होने वाले किसी भी बदलाव के अनुसार तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से राहत शिविरों में रह रहे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि राहत शिविरों में रह रहे प्रत्येक व्यक्ति को भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, स्वच्छता सहित आवश्यक बुनियादी सुविधाएं सुचारु रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। किसी भी प्रभावित व्यक्ति को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार निगरानी की जाए।
प्रधानमंत्री ने प्रभावित परिवारों को आवश्यक बुनियादी सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन क्षेत्रों में राहत सामग्री अथवा अन्य आवश्यक संसाधनों की अतिरिक्त आवश्यकता हो, वहां तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। राहत सामग्री के वितरण में किसी प्रकार की कमी अथवा विलंब न हो और जरूरतमंद परिवारों तक सहायता समय से पहुंचाई जाए। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की निरंतर समीक्षा करने तथा स्थानीय स्तर पर सामने आ रही समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, प्रशासन को पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित लोगों के बीच रहकर उनकी आवश्यकताओं की जानकारी लेने और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।प्रधानमंत्री ने कहा कि दैवी आपदा की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों को अकेला महसूस नहीं होना चाहिए। शासन-प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ उनके साथ खड़ा रहे और आवश्यकता के अनुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।वाराणसी में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन द्वारा राहत शिविरों में प्रभावित लोगों के रहने, भोजन, पेयजल, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के साथ-साथ जलस्तर एवं परिस्थितियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
प्रधानमंत्री के निर्देशों के बाद प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों को और तेज करने तथा बाढ़ प्रभावित लोगों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की दिशा में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। प्रशासन का प्रयास है कि बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार तक समयबद्ध तरीके से आवश्यक सहायता पहुंचाई जाए और मौजूदा परिस्थितियों में किसी भी प्रकार की जनहानि अथवा असुविधा न होने पाए। प्रशासन द्वारा लोगों से भी अपील की जा रही है कि वे बाढ़ की स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचें। राहत एवं बचाव दलों को भी पूरी तरह सक्रिय रखा गया है।
