
योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया. इसमें ऊर्जा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि और सामाजिक कल्याण पर विशेष जोर दिया गया. बजट पेश होने के दौरान विपक्ष ने जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए सरकार को कई मुद्दों पर घेरा.

बजट पेश होने के दौरान विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार नारेबाजी हुई
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मानसून सत्र के दूसरे दिन विधानसभा में 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया. वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में ये बजट रखा, जिसमें ऊर्जा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि और सामाजिक कल्याण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया गया है. सरकार का कहना है कि इस बजट का मकसद विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाना और जनसेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है.बजट पेश किए जाने के दौरान विधानसभा का माहौल काफी गर्म रहा. समाजवादी पार्टी के विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन के वेल में पहुंचकर विरोध दर्ज कराया. जवाब में सत्ता पक्ष के सदस्यों ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए नारे लगाए. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सदन में मौजूद रहे और दोनों पक्षों के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली.अनुपूरक बजट में ऊर्जा क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए 4,722 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है. वहीं सामाजिक कल्याण विभाग के लिए 1,655 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि रखी गई है. सरकार का मानना है कि इन निवेशों से बिजली व्यवस्था मजबूत होगी और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को गति मिलेगी.
“किसानों के लिए क्या?”
कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों के लिए भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं. कृषि विभाग को राजस्व मद और पूंजीगत मद दोनों के तहत अतिरिक्त बजट दिया गया है. इसके अलावा उद्यान, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, डेयरी विकास, मत्स्य पालन, भूमि विकास और जल संसाधन विभागों के लिए भी अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान किए गए हैं. सरकार का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं को बढ़ावा देना बताया गया है.
स्वास्थ्य क्षेत्र भी इस अनुपूरक बजट का प्रमुख केंद्र रहा. एलोपैथिक चिकित्सा सेवाओं के विस्तार, परिवार कल्याण कार्यक्रमों और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया गया है. साथ ही आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा सेवाओं के विस्तार पर भी सरकार ने जोर दिया है, ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें.
औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भी बड़े स्तर पर पूंजीगत निवेश का प्रस्ताव रखा गया है. सरकार का कहना है कि इससे नए उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, निवेश आकर्षित होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. हस्तकरघा, वस्त्र उद्योग और अन्य औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भी अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया गया है.
