
वाराणसी। यूपी कालेज परिसर में देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रभक्ति, गरिमा और उल्लास के वातावरण में मनाया गया। समारोह में परिसर की पांचों शैक्षणिक इकाइयों उदय प्रताप स्वायत्तशासी महाविद्यालय, उदय प्रताप इंटर कॉलेज, उदय प्रताप पब्लिक स्कूल, रानी मुरार कुमारी बालिका इंटर कॉलेज तथा राजर्षि स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी बड़ी संख्या में शामिल हुए। समारोह का शुभारंभ सुबह 8:30 बजे ध्वजारोहण से हुआ। इसके बाद राष्ट्रधुन और उदय प्रताप पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों की देशभक्ति से ओत-प्रोत ‘वंदेमातरम्’ की प्रस्तुति ने माहौल को राष्ट्रप्रेम से भर दिया। उच्च शिक्षा निदेशक, उत्तर प्रदेश का संदेश वरिष्ठ प्रोफेसर एवं डीएसडब्ल्यू प्रो. मनीष कुमार सिंह ने पढ़कर सुनाया। मुख्य अतिथि यूपी कॉलेज के प्राचार्य प्रो धर्मेन्द्र कुमार सिंह ने राजर्षि उदय प्रताप सिंह जूदेव के आदर्शों और परिसर की गौरवशाली शैक्षणिक परंपरा को याद करते हुए कहा कि स्वतंत्रता केवल राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि कर्तव्य, अनुशासन, त्याग और राष्ट्रसेवा का संकल्प है। उन्होंने महाविद्यालय की शैक्षणिक, शोध एवं अकादमिक उपलब्धियों की जानकारी देते हुए शिक्षकों को मिले विभिन्न सम्मान, शोध परियोजनाओं और एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के अंतर्गत अकादमिक सहभागिता का उल्लेख किया। कैंपस कोऑर्डिनेटर एवं काशी हिंदू विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के प्रो. मनोज कुमार सिंह की उपस्थिति में परिसर की पांचों इकाइयों के बीच समन्वय और साझा शैक्षणिक दृष्टिकोण पर जोर दिया गया। प्राचार्य ने कहा कि राजर्षि उदय प्रताप सिंह जूदेव की दूरदर्शी सोच से स्थापित इस परिसर को शिक्षा, शोध, संस्कार और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाना सभी की जिम्मेदारी है।उदय प्रताप इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. रमेश प्रताप सिंह ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक, उत्तर प्रदेश का संदेश पढ़कर सुनाया। विद्यार्थियों से अनुशासन, परिश्रम, ईमानदारी और उत्कृष्टता के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया गया। उदय प्रताप पब्लिक स्कूल की ‘घोष वाहिनी’ के आकर्षक प्रदर्शन ने समारोह में उत्साह भर दिया। इसके बाद रानी मुरार कुमारी बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने सामूहिक राष्ट्रगान प्रस्तुत किया। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस दौरान पूरे परिसर में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और संस्थान की गौरवशाली परंपरा की झलक दिखाई दी।
