अमेरिका का यह शहर गंभीर जल संकट से जूझ रहा है. सूखा, जलवायु परिवर्तन और बढ़ती औद्योगिक मांग के बीच शहर के पानी के भंडार तेजी से घट रहे हैं. जानिए क्या तैयारी है और विशेषज्ञों की चेतावनी.

“गंभीर जल संकट में अमेरिका का ये शहर”
अमेरिका का कॉर्पस क्रिस्टी शहर जल संकट का सामना कर रहा है. यहां 3 लाख से ज्यादा लोग रहते हैं, लेकिन लगातार सूखा, बढ़ती आबादी और पानी के नए स्रोत विकसित करने में देरी के कारण जल भंडार तेजी से घट रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो यह अमेरिका का पहला ऐसा शहर बन सकता है, जहां पानी खत्म होने जैसी स्थिति पैदा हो जाए.

“सिर्फ फैक्ट्रियां ही पी गईं पूरे शहर का पानी”
कॉर्पस क्रिस्टी में तेजी से औद्योगिक विकास जल संकट की बड़ी वजहों में से एक है. यहां मौजूद बड़े पेट्रोकेमिकल और प्लास्टिक उद्योग हर दिन भारी मात्रा में पानी इस्तेमाल कर रहे हैं. साल 2022 में शुरू हुआ एक प्लास्टिक केमिकल प्लांट अकेले रोजाना कूलिंग के लिए उतना पानी खर्च करता है, जितना पूरे शहर के सभी निवासी मिलकर उपयोग करते हैं.

“समुद्र के पानी को मीठा बनाने का प्लान भी फेल”
शहर की पानी की समस्या दूर करने के लिए प्रशासन ने समुद्र के खारे पानी को मीठा बनाने का प्लांट बनाने की योजना बनाई थी. इस प्लांट से हर दिन करोड़ों लीटर पीने योग्य पानी तैयार किया जा सकता है. लेकिन फंड की कमी, सरकारी नियमों और विरोध के कारण यह परियोजना अभी तक शुरू नहीं हो सकी.
“जलवायु परिवर्तन ने बढ़ाई मुश्किलें”

पिछले कुछ सालों में टेक्सास लगातार भीषण सूखे की मार झेल रहा है. जलवायु परिवर्तन के कारण बारिश कम हुई और शहर के प्रमुख जलाशयों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक गिर गया. हाल की बारिश से थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन शहर के पास अभी भी लगभग एक साल का ही पानी का भंडार बचा है.
“नया समाधान तलाश रहा है प्रशासन”
जल संकट से निपटने के लिए प्रशासन कई विकल्पों पर काम कर रहा है. इनमें गहरे भूजल स्रोत से पानी निकालना, उद्योगों के लिए ट्रीट किए गए गंदे पानी का दोबारा इस्तेमाल करना और बड़े डिसेलिनेशन प्लांट का निर्माण शामिल है. हालांकि, इन योजनाओं पर अरबों डॉलर खर्च होने का अनुमान है और इन्हें पूरा होने में कई साल लग सकते हैं.
