
उपज के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं वाराणसी इकाई के अध्यक्ष विनोद कुमार बागी ने पत्रकारों को संवैधानिक सुरक्षा दिए जाने की मांग दोहराई
वाराणसी। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और नई पीढ़ी को सही दिशा देने में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज के दौर में ऐसे रोल मॉडल की आवश्यकता है, जो अपने कार्यों से समाज को प्रेरित करें। यह बातें महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति डॉ. आनंद कुमार त्यागी ने शनिवार को शिवपुर स्थित मारवाड़ी धर्मशाला में उपज वाराणसी इकाई के स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कहीं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और उपज द्वारा पत्रकारिता, साहित्य, चिकित्सा तथा समाज सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों को ‘काशी कोहिनूर रत्न सम्मान’ से सम्मानित करना समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने वाला सराहनीय प्रयास है।

विशिष्ट अतिथि, पत्रकारिता विभागाध्यक्ष डॉ. नागेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान जिस प्रकार की घृणित भाषा का प्रयोग हुआ, उससे लगता है कि जेन-जी का एक वर्ग भटकाव की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ती नकारात्मक मानसिकता और घृणा को समाप्त करने की जिम्मेदारी पत्रकारों की भी है और उनकी लेखनी समाज को सही दिशा देने का सशक्त माध्यम बन सकती है। वरिष्ठ अधिवक्ता विजय शंकर रस्तोगी, डॉ. राम सुधार सिंह, डॉ. राम प्रसाद सिंह, प्रेम कपूर, डॉ. शिप्रा धर और अमन कबीर को ‘काशी कोहिनूर रत्न सम्मान’ से सम्मानित किया गया। इस दौरान दिवंगत पत्रकारों एवं उपज के संस्थापक सदस्यों की स्मृति में मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि ने पौधरोपण भी किया। उपज के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं वाराणसी इकाई के अध्यक्ष विनोद कुमार बागी ने पत्रकारों को संवैधानिक सुरक्षा दिए जाने की मांग दोहराई। प्रदेश महामंत्री आनंद कर्ण ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकारों के लिए प्रदेश के सभी जिलों में संगठन का विस्तार किया जा रहा है। स्वागत डॉ. अरविंद कुमार सिंह, संचालन महामंत्री मोनेश श्रीवास्तव तथा धन्यवाद ज्ञापन अनिल जायसवाल ने किया। समारोह में बड़ी संख्या में पत्रकार और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
