पुरानी पेंशन बहाली और TET की अनिवार्यता खत्म करने की मांग

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अटेवा पेंशन बचाओ मंच ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, NPS को शिक्षक-कर्मचारियों के हित में नुकसानदायक बताया

वाराणसी। अटेवा पेंशन बचाओ मंच, वाराणसी ने शिक्षकों, कर्मचारियों और अधिकारियों के हित में पुरानी पेंशन व्यवस्था (OPS) बहाल करने, शिक्षकों की नियुक्ति में टीईटी (TET) की अनिवार्यता समाप्त करने तथा पूर्व में नियुक्त शिक्षकों को भी TET की बाध्यता से मुक्त करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। संगठन ने कहा कि प्रदेश के करीब 15 लाख शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी नई पेंशन व्यवस्था (NPS) से प्रभावित हैं। ऐसे में उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था को पुनः लागू किया जाना जरूरी है।अटेवा ने कहा कि प्रदेश में एक अप्रैल 2005 से पुरानी पेंशन व्यवस्था समाप्त कर नई पेंशन व्यवस्था लागू की गई। संगठन का कहना है कि NPS शिक्षकों, कर्मचारियों और अधिकारियों के हित में नुकसानदायक है। इससे कर्मचारियों का भविष्य असुरक्षित होने के साथ प्रदेश सरकार को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। संगठन ने सरकार से मांग की कि शिक्षक-कर्मचारियों के हित में NPS की जगह पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए।20-25 वर्ष सेवा कर चुके शिक्षकों को TET से मुक्त करने की मांगज्ञापन में शिक्षकों की नियुक्ति में टीईटी की अनिवार्यता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। अटेवा ने मांग की कि 20-25 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता समाप्त की जाए। साथ ही पूर्व में नियुक्त शिक्षकों को भी TET की बाध्यता से मुक्त किया जाए। संगठन का कहना है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षक इस व्यवस्था से प्रभावित हो रहे हैं और लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें इस अनिवार्यता से राहत दी जानी चाहिए।निजीकरण पर रोक और सरकारी शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांगअटेवा पेंशन बचाओ मंच ने सरकारी संस्थानों में निजीकरण को बढ़ावा दिए जाने पर भी चिंता जताई। संगठन ने कहा कि निजीकरण की प्रक्रिया से सरकारी शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। प्रदेश की जनता नई शिक्षा व्यवस्था और सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित है। ऐसे में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही शिक्षकों और कर्मचारियों के हित में ठोस निर्णय लिया जाना आवश्यक है।संगठन ने मुख्यमंत्री से पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, शिक्षकों की नियुक्ति तथा पूर्व में नियुक्त शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता समाप्त करने और सरकारी संस्थानों के निजीकरण की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है।ज्ञापन पर अटेवा पेंशन बचाओ मंच के जिला महामंत्री राम सेवक यादव और जिलाध्यक्ष चन्द्र प्रकाश गुप्त के हस्ताक्षर हैं। पत्रक में प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु, प्रदेश महामंत्री डॉ. नीरजपति त्रिपाठी, प्रदेश उपाध्यक्ष सत्येन्द्र कुमार राय, जिला संरक्षक श्री रामचन्द्र गुप्ता, पूर्व संयोजक विनोद यादव, सह-संयोजक वी.एन. यादव, मनोज यादव और प्रेमचन्द पटेल सहित संगठन के पदाधिकारियों के नाम दर्ज हैं।


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