
वाराणसी। महाबोधि इंटर कॉलेज, सारनाथ में बौद्ध जगत के महान समाजसेवी एवं शिक्षाविद् अनागरिक धर्मपाल की प्रतिमा का अनावरण मुख्य अतिथि भंते पी. शिवली थेरो ने किया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार, शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक एवं महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि भंते पी. शिवली थेरो ने कहा कि अनागरिक धर्मपाल केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि विश्व मानवता के लिए प्रेरणा के स्रोत थे। उन्होंने सारनाथ की तपोभूमि में शिक्षा और सेवा का कार्य करते हुए बच्चों में शिक्षा के साथ स्वच्छता, अनुशासन और संस्कार विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे बच्चों को केवल प्रमाणपत्र प्राप्त करने तक सीमित न रखें, बल्कि उनमें ज्ञान, करुणा, मैत्री, सहनशीलता, नेतृत्व क्षमता और देशप्रेम जैसे गुणों का विकास करें, ताकि वे भविष्य में अच्छे नागरिक बन सकें। उन्होंने विद्यालय में आधुनिक शिक्षा के साथ विज्ञान, कंप्यूटर, अंग्रेजी और AI जैसी तकनीकों की जानकारी देने तथा विद्यालय के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। कार्यक्रम के स्वागताध्यक्ष भंते सुमितानंद थेरो ने अतिथियों का स्वागत किया। प्रोफेसर राम मोहन पाठक ने अनागरिक धर्मपाल के व्यक्तित्व एवं उनके शिक्षा और समाजसेवा संबंधी योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, उप प्रधानाचार्य, महाबोधि इंटर कॉलेज, सारनाथ ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने किया।
इस अवसर पर विभिन्न शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक एवं बौद्ध परंपरा से जुड़े कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।
