
वाराणसी। डॉ. घनश्याम सिंह महाविद्यालय, सोयेपुर, लालपुर में ललित कला विभाग की ओर से वार्षिक कला प्रदर्शनी ‘कला दर्शन 2.0’ का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि मुगल शैली के छठवीं पीढ़ी के सुप्रसिद्ध चित्रकार एवं राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट, जयपुर के सेवानिवृत्त सहायक प्रोफेसर डॉ. गोपाल प्रसाद और समकालीन चित्रकार अंकित प्रसाद ने महाविद्यालय के प्रबंधक नागेश्वर सिंह, प्रशासक संजीव सिंह तथा प्राचार्य डॉ. आनंद सिंह की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलित कर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया।मुख्य अतिथियों ने कहा कि कला न केवल व्यक्ति के दृष्टिकोण को आकार देती है, बल्कि समाज को भी समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विद्यार्थियों में किसी न किसी रचनात्मक रुचि को विकसित करने पर भी जोर दिया गया। प्रदर्शनी में रचनात्मक संयोजन, जीवन अध्ययन, पोस्टर डिजाइन, विज्ञापन, कोलाज, पेंसिल ड्राइंग और लिपन कला सहित विभिन्न विधाओं की 100 से अधिक कलाकृतियां प्रदर्शित की गईं। बीएफए प्रथम से चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों की रचनाओं में सामाजिक मुद्दों, व्यक्तिगत अनुभवों और अमूर्त अभिव्यक्तियों की झलक देखने को मिली। कलाकृतियों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा और रचनात्मक सोच को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। विभागाध्यक्ष रवि कुमार वर्मा ने मुख्य अतिथि को विद्यार्थियों द्वारा बनाया गया चित्र भेंटकर सम्मानित किया।
स्वागत प्राचार्य डॉ. आनंद सिंह, संचालन डॉ. विपुल शुक्ला और धन्यवाद ज्ञापन कुलदीप यादव ने किया। इस अवसर पर कृष्णा यादव, डॉ. दिनेश विक्रम सिंह, डॉ. देवेंद्र पांडेय सहित शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
