
गोरखपुर। गोरखपुर में सिपाही ने जिस 10 साल की बच्ची को श्मशान में रेप करके मार डाला था, उसका गुरुवार शाम 6 बजे अंतिम संस्कार हुआ। इसके 3 घंटे बाद मां ने एक बेटे को जन्म दिया। मां-बहनों ने बच्चे का चेहरा देखा तो फूट-फूटकर रोने लगीं। कहने लगीं कि बच्ची की इच्छा थी कि इस बार रक्षा बंधन पर अपने भाई को राखी बांधे, लेकिन इससे पहले ही दरिंदे ने उसे छीन लिया।इधर, पुलिस जांच में पता चला कि रेप के बाद सिपाही अभिषेक यादव (35) ने बच्ची के हाथ पीठ के पीछेबांधकर जिंदा नदी में फेंक दिया। उसका सिर पत्थर सेटकराया। डूबने और सांस फूलने से उसकी मौत हुई।पोस्टमॉर्टम में पता चला कि बच्ची के साथ बर्बरता कीगई। पैर, गर्दन सहित शरीर की 5 हड्डियां टूटी मिलीं। पेट फट गया। प्राइवेट पार्ट पर गहरे जख्म के निशान मिले। सिपाही की पत्नी ने कहा-उसने जो किया है, वह माफी के लायक नहीं है। उसने मेरा सिर शर्म से झुका दिया। अब कहां मुंह दिखाऊंगी? हमारी भी बेटी है। अब दोबारा कभी उसके साथ नहीं रहूंगी। 28 जुलाई की रात जिला अस्पताल से सिपाही ने बच्ची का किडनैप किया था। 200 CCTV कैमरे खंगालने के बाद 29 जुलाई को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। गुरुवार को उसकी निशानदेही पर 36 घंटे बाद पुलिस ने शव बरामद किया। परिवार ने 50 लाख की आर्थिक मदद, एक सदस्य को नौकरी और आरोपी को फांसी देने की मांग की है। SSP डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि आरोपी सिपाही कोबर्खास्त कर दिया गया है। उसके खिलाफ पॉक्सो एक्टसमेत अन्य धाराओं में FIR दर्ज की गई है। उस पररासुका (NSA) भी लगाया जाएगा।
“बहन कहती थी-इस बार रक्षा बंधन में मेरा भी भाई आएगा”
बड़ी बहन ने बताया कि मेरी छोटी बहन मां से कहती थी कि इस बार रक्षा बंधन में मेरा भी भाई आएगा। उसको राखी बांधकर अपना सपना पूरा करूंगी। आज वह होती तो सबसे अधिक खुश होती । वह हमेशा मां से भाई की डिमांड करती थी। वह हमेशा कहती थी कि पढ़-लिखकर डॉक्टर बनूंगी और मां का इलाज खुद करूंगी।
“सिपाही की पत्नी को घटना का पता चला तो सिर पकड़कर बैठ गई”
सिपाही की पत्नी बेटी-बेटे के साथ गाजीपुर के मोलनापुर गांव में रहती है। पत्नी को जब इस घटना की जानकारी मिली तो उसने सिर पकड़ लिया। पत्नी बोली कि उनकी आदतों की वजह से वह ससुराल छोड़कर बच्चों के साथ मायके में रहती है।
“बच्ची के किडनैप से अंतिम संस्कार तक का पूरा मामला…”
बहन को खाना देने अस्पताल गई थी, वहीं से किडनैप किया। बच्ची के पिता मूलरूप से आजमगढ़ के रहने वाले हैं। 4 साल से पत्नी और 5 बेटियों के साथ गोरखपुर में किराए पर रहते हैं। ई-रिक्शा चलाकर घर चलाते हैं। 27 जुलाई को 13 साल की बेटी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिवार ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती करवाया।28 जुलाई को बच्ची बड़ी बहन के लिए खाना लेकरअस्पताल गई। इस दौरान सिपाही भी अस्पताल में दवा लेने आया था। बच्ची को अकेला देखकर वह उसके पीछे पड़ गया। रात 10 बजे बच्ची अस्पताल से निकली तो उसे बहला-फुसलाकर बाइक पर बैठा लिया। उसे अस्पताल से 15 किमी दूर श्मशान घाट लेकर आया। यहां बच्ची के साथ दरिंदगी की। उसे बेरहमी से पीटा। फिर नदी में फेंक दिया। आरोपी पुलिस लाइन पहुंचा। वर्दी पर खून के छींटे लगे हुए थे। उसने वर्दी धोई, फिर सो गया।
