
जापान के कुमामोटो प्रांत में आए 7.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद हालात गंभीर बने हुए हैं। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं और अनेक स्थानों पर इमारतों के ढहने, आग लगने तथा सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आई हैं।
प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने स्थिति की समीक्षा के लिए दूसरी आपातकालीन आपदा प्रबंधन बैठक की अध्यक्षता की और राहत एवं बचाव अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए।सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य के लिए लगभग 4,600 सेल्फ-डिफेंस फोर्स के जवान, 2,000 पुलिसकर्मी और 1,400 अग्निशमन कर्मियों को तैनात किया है। कई स्थानों पर लोग अब भी मलबे में फंसे हुए हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं। प्रभावित लोगों के लिए करीब 450 राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां लगभग 7,700 लोगों को ठहराया गया है। सरकार बिजली, पानी, भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं बहाल करने में जुटी है। प्रशासन ने भीषण गर्मी को देखते हुए राहत शिविरों में स्वास्थ्य संबंधी विशेष इंतजाम करने और गाड़ियों में रह रहे लोगों के लिए भी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
“7.1 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही”
जापान की समाचार एजेंसी क्योडो न्यूज के अनुसार, मौसम एजेंसी ने बताया कि मंगलवार को स्थानीय समय के अनुसार शाम 4:27 बजे कुमामोटो प्रांत में 7.1 तीव्रता का भूकंप आया। इसकी गहराई जमीन के अंदर दस किलोमीटर थी।
“प्रधानमंत्री ने जताया दुख”
प्रधानमंत्री तकाइची ने भूकंप में जान गंवाने वालों के प्रति शोक जताया और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार तेजी से नुकसान का जायजा ले रही है। सभी संबंधित मंत्रालय और सरकारी एजेंसियां राहत और बचाव के शुरुआती काम में जुटी हुई हैं।
“बिजली-पानी बहाल करने पर जोर”
उन्होंने कहा कि सरकार बिजली और पानी जैसी जरूरी सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। वहीं, जापान की सेल्फ-डिफेंस फोर्स पानी पहुंचाने और मरीजों को सुरक्षित स्थानों तक ले जाने का काम कर रही है।
“पीएम ने बुलाई आपात बैठक”
बुधवार को प्रधानमंत्री तकाइची ने कुमामोटो भूकंप को लेकर दूसरी आपातकालीन आपदा प्रबंधन बैठक की। इस बैठक में कुमामोटो के गवर्नर किमुरा और कैबिनेट कार्यालय के उपमंत्री त्सुशिमा ने ऑनलाइन हिस्सा लिया।
“प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर किया पोस्ट”
उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “बचाव और राहत अभियान के लिए सेल्फ-डिफेंस फोर्स के जवानों की संख्या बढ़ाकर लगभग 4,600 कर दी गई है। इसके अलावा करीब 2,000 पुलिसकर्मी और 1,400 अग्निशमन कर्मी भी लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं।”
“450 राहत शिविर बनाए गए”
प्रधानमंत्री ने बताया कि लगभग 450 राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां करीब 7,700 लोग ठहरे हुए हैं। सरकार इन शिविरों में खाना-पानी, बिस्तर, सफाई का सामान, टॉयलेट पेपर, एयर कंडीशनर और बिजली की व्यवस्था जैसी जरूरी चीजें उपलब्ध कराने में लगी हुई है।
“राहत-बचाव अभियान हुआ तेज”
उन्होंने कहा “मैंने अधिकारियों से फिर कहा है कि वे प्रभावित लोगों और स्थानीय प्रशासन की जरूरतों को ठीक से समझें और राहत शिविरों में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करें। खासकर गर्मी को देखते हुए हीट स्ट्रोक से बचाव के पूरे इंतजाम किए जाएं। इसके अलावा, बड़ी संख्या में लोग अपनी गाड़ियों में रह रहे हैं, इसलिए मैंने पर्याप्त पेट्रोल उपलब्ध कराने और स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि लंबे समय तक गाड़ी में बैठे रहने से होने वाली ‘इकोनॉमी क्लास सिंड्रोम’ जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सके।”
