आर्य समाजों में एकजुटता से संगठन को मिलेगी मजबूती

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वाराणसी। आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश, लखनऊ के समन्वय से चल रहे जिला आर्य अधिवेशन के सघन अभियान के तहत वाराणसी, चंदौली और भदोही के आर्य कार्यकर्ताओं का 72वां सम्मेलन रविवार को आर्य समाज भोजूवीर में आयोजित हुआ। सम्मेलन में आर्य समाज के संगठन को मजबूत करने, नियमों एवं उपनियमों के पालन, युवाओं को आर्य समाज से जोड़ने और ग्रामीण क्षेत्रों में वेद प्रचार को गति देने पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रांतीय सभा के वेद प्रचार अधिष्ठाता स्वामी नरेंद्रदेव ने की।मुख्य उद्बोधन में आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ उपप्रधान पंकज आर्य ने कहा कि प्रत्येक आर्य समाज, पदाधिकारी और सदस्य को संगठन के नियम एवं उपनियमों का पूरी निष्ठा के साथ पालन करना चाहिए। नियमों का पालन होने से संगठन में विवाद की स्थिति समाप्त होगी और आर्य समाज के कार्यों को आगे बढ़ाने में सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि साप्ताहिक सत्संग आर्य समाज संगठन का अनिवार्य कार्यक्रम होने के साथ ही संगठन की गतिविधियों का मुख्य आधार है। प्रत्येक आर्य समाज को नियमित रूप से साप्ताहिक सत्संग आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ना चाहिए।आर्य वीर दल पूर्वी उत्तर प्रदेश के संचालक आचार्य ज्ञान प्रकाश वैदिक ने कहा कि आर्य समाज में युवाओं की अधिकाधिक भागीदारी जरूरी है। इसके लिए युवा संगठन आर्य वीर दल को सक्रिय किया जाए और युवाओं को संगठन की विचारधारा, संस्कार एवं सामाजिक कार्यों से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति के माध्यम से आर्य समाज के कार्यों को नई गति दी जा सकती है।आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश न्यायार्य सभा के मुख्य न्यायाधीश डॉ. हरिसिंह आर्य ने कहा कि प्रत्येक आर्य समाज अपने भवन एवं संपत्तियों का विस्तृत विवरण प्रांतीय सभा कार्यालय को अवश्य उपलब्ध कराए। इससे भविष्य में किसी प्रकार के विवाद की स्थिति उत्पन्न होने पर अभिलेखों के आधार पर समस्या का उचित समाधान किया जा सकेगा।

अध्यक्षीय संबोधन में स्वामी नरेंद्रदेव ने कहा कि यह पहली बार हुआ है कि उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में प्रांतीय सभा के पदाधिकारियों ने सघन दौरा कर आर्य समाजों के बीच जागरूकता अभियान चलाया। उन्होंने कहा कि आर्य समाज के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में वेद प्रचार के कार्यक्रमों को और अधिक बढ़ाने की आवश्यकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित रूप से वेद प्रचार, सत्संग और सामाजिक जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। सम्मेलन में वाराणसी, चंदौली और भदोही से प्रांतीय एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों के साथ विभिन्न आर्य समाजों के प्रधान, मंत्री, कोषाध्यक्ष, वरिष्ठ पदाधिकारी, आर्य सभासद, आर्य वीर दल के पदाधिकारी, व्यायाम शिक्षक और संरक्षक शामिल हुए। वाराणसी से अंतरंग सदस्य चंद्रपाल आर्य, संयोजक प्रमोद आर्षेय, व्यवस्थापक रवि प्रकाश बरनवाल, जिला संचालक आर्य वीर दल हेमंत आर्य, विजय आर्य और अरविंद आर्य मौजूद रहे। चंदौली और भदोही से वेद प्रकाश बृजवासी, सुशील आर्य, पंकज बरनवाल, इंदल आर्य सहित अन्य पदाधिकारी शामिल हुए।आर्य समाज भोजूवीर के प्रधान लल्लू आर्य ने अतिथियों और कार्यकर्ताओं का स्वागत किया। कोषाध्यक्ष नरेंद्र आर्य ने अतिथियों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम का संचालन आर्य वीर दल अधिष्ठाता, आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश प्रमोद आर्षेय ने किया। धन्यवाद ज्ञापन सह पुस्तकाध्यक्ष एवं वाराणसी-मिर्जापुर कमिश्नरी प्रभारी कपिल देव आर्य ने किया।


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