
सेवानिवृत्त शिक्षकों का हुआ सम्मान
वाराणसी। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ के कुलपति एवं मुख्य अतिथि प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि शिक्षक को कक्षा में जाने से पहले अध्ययन करना चाहिए। तकनीकी युग में विद्यार्थी लगातार स्वयं को अपडेट कर रहे हैं, ऐसे में शिक्षकों को भी नवीन तकनीक और उसके शैक्षिक उपयोग को सीखना होगा। वह रविवार को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश की काशी महानगर इकाई की ओर से डॉ. घनश्याम सिंह पीजी कॉलेज, सोयेपुर में आयोजित सेवानिवृत्त शिक्षक सम्मान समारोह एवं शैक्षिक संगोष्ठी में बोल रहे थे। समारोह में विभिन्न जिलों के सेवानिवृत्त शिक्षकों को स्मृति चिह्न व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। पं. दीनदयाल उपाध्याय पर संपादित पुस्तक का विमोचन भी हुआ। मुख्य वक्ता महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि बच्चों में पुस्तकों के प्रति रुचि पैदा करना शिक्षक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। विशिष्ट अतिथि डॉ. विनोद कुमार सिंह ने विद्यार्थियों के मन को समझने पर जोर दिया। अध्यक्षता कर रहे बीएचयू के पूर्व कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि सामर्थ्यवान, संस्कारवान और चरित्रवान लोग ही समाज का निर्माण करते हैं। कार्यक्रम में डॉ. नागेश्वर सिंह, डॉ. दीनानाथ सिंह, डॉ. रघुराज सिंह सहित शिक्षक प्रतिनिधि मौजूद रहे।
